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गंगा का जलस्तर बढ़ा, कानपुर बैराज से 2.96 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा

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कानपुर। पहाड़ों और गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में पानी बढ़ने के साथ कानपुर में गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। फ्लड कंट्रोल ऑफिस, एलजीसी कानपुर के अनुसार गुरुवार 20 अगस्त की सुबह आठ बजे कानपुर बैराज का अपस्ट्रीम जलस्तर 113.620 मीटर और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 113.470 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से इस समय 2,96,693 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने से प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगाह गंगा के तटीय इलाकों पर बनी हुई है।

चेतावनी स्तर से महज 38 सेंटीमीटर नीचे जलस्तर

कानपुर बैराज का चेतावनी स्तर 114 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का स्तर 115 मीटर है। वर्तमान में अपस्ट्रीम जलस्तर 113.620 मीटर पहुंचने से यह चेतावनी स्तर से महज 38 सेंटीमीटर नीचे है। लगातार पानी की आवक बनी रहने पर जलस्तर में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जा रही है। वहीं शुक्लागंज में भी गंगा का जलस्तर 112.240 मीटर दर्ज किया गया है।


हरिद्वार और नरौरा से भी छोड़ा जा रहा पानी

गंगा में ऊपर से पानी की लगातार आवक हो रही है। आंकड़ों के मुताबिक हरिद्वार बैराज से 91,940 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,34,584 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इन बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का असर आगे चलकर कानपुर में गंगा के जलस्तर पर पड़ सकता है। इसी वजह से सिंचाई विभाग और फ्लड कंट्रोल विभाग जलस्तर तथा नदी के बहाव पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।

तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता, प्रशासन की नजर

गंगा का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे क्षेत्रों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने के कारण स्थिति को संवेदनशील माना जा रहा है। अधिकारियों की ओर से जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले घंटों में यदि ऊपरी बैराजों से पानी की आवक बढ़ती है तो कानपुर में गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है।

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